OCD – Obsessive Compulsive Disorder

OCD

We often tend to use the term OCD very loosely to indicate a person who is perhaps too much into cleaning or organising meticulously. But there is more to this type of anxiety disorder than you know. 

ओसीडी एक बीमारी होती है। ये इंसान की नॉर्मल लाइफ को प्रभावित करती है। साथ ही रिलेशनशिप और प्रोडक्टविटी पर असर डालती है। मरीजों को सोच या व्यवहार के स्तर पर काफी तकलीफ होती है। उनके लिए कोई हालात कंफर्टेबल नहीं होते हैं, क्योंकि मन में कई चीजें बार-बार चल रही होती हैं।

ओसीडी बीमारी में दो कम्पोनेंट्स होते हैं। ऑब्सेशन (सनक) और कंपल्शन (मजबूरी)। ऑब्सेशन में कोई सोच, कोई आइडिया होता है जो इंसान के मन में बार-बार आता है। इस पर कंट्रोल नहीं होता है। कई बार ऑब्सेशन होता है तो व्यवहार में कंपल्शन भी आ जाता है। जैसे- हाथ धोने या क्लीनिंग जैसे कामों से मरीज मन की घबराहट को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं।”

ओसीडी बायोलॉजिकल और न्यूरोट्रांसमीटर्स का बैलेंस बिगड़ने की वजह से होता है। इसके इलाज में दवाईयों और साइकोथैरेपी का बड़ा रोल होता है। थैरेपी में सीबीटी की तरीके काफी इस्तेमाल किए जाते हैं।ऑब्सेशन ऐसे विचार, इमेज होते हैं जो व्यक्ति को बार-बार नजर आते हैं। वे इसपर अपना नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। ओसीडी से जूझ रहे लोग इन विचारों को लाना नहीं चाहते और उनके लिए यह काफी परेशान करने वाले होते हैं। कई मामलों में लोग जानते हैं कि इन विचारों का कोई मतलब नहीं है। आमतौर पर ऑब्सेशन गंभीर और असहज करने वाली एहसास जैसे- डर, संदेह या असंतोष के साथ होता है।

ओसीडी के दौरान नजर आने वाले कुछ आम ऑब्सेशन

  • गंदगी: इसमें व्यक्ति एचआईवी जैसी बीमारियों से डरता है या उसे एनवायरमेंट को खराब करने वाली चीजें, जैसे- रेडिएशन और घर में मौजूद कैमिकल्स और धूल को लेकर चिंता बनी रहती है।
  • नियंत्रण खोना: खुद को या किसी दूसरे व्यक्ति को चोट पहुंचाना, चोरी और हिंसा का डर जैसी चीजें शामिल होती हैं।
  • नुकसान: व्यक्ति को डर बना रहता है कि वो चोरी या आगजनी जैसी किसी गंभीर घटना का जिम्मेदार है या उसकी लापरवाही के कारण किसी और को नुकसान पहुंचा है।
  • पर्फेक्शन से जुड़े ऑब्सेशन्स: किसी भी चीज को पूरी या सही तरीके से करने की चिंता या कुछ याद रखने की चिंता रहती है। किसी भी चीज को फेकते वक्त जरूरी जानकारी के बारे में भूल जाने का डर रहता है। चीजों को फेकने या रखने को लेकर फैसला नहीं कर पाते हैं या किसी भी चीज को खोने का डर।
  • दूसरे ऑब्सेशन्स: किसी भी गंभीर बीमारी की चपेट में आने का डर बना रहता है। इसके अलावा लकी या अनलकी नंबर और रंगों लेकर अंधविश्वास वाले आइडिया आते हैं।

कंपल्शन
ये कुछ ऐसे व्यवहार होते हैं जहां व्यक्ति अपने ऑब्सेशन को खत्म करने के प्रयास करता है। ओसीडी से जूझ रहे लोगों को यह पता होता है कि यह केवल अस्थाई उपाय है, लेकिन इससे बचने का सही तरीका खोजने के बजाए वे कंपल्शन पर निर्भर रहते हैं।

ओसीडी के दौरान नजर आने वाले कुछ आम कंपल्शन:-

  • धुलाई और सफाई: इसमें एक ही तरीके से बार-बार हाथों को धोना, हद से ज्यादा देर तक नहाना, दांत साफ करना या सफाई से जुड़ी चीजों को करते रहना शामिल है।
  • चैकिंग: यह जानने के लिए कि आप खुद को या किसी और को नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे। बार-बार किसी चीज की जांच करना। यह पता करते रहना कि कुछ बुरा तो नहीं हुआ या आपसे कोई गलती तो नहीं हुई। शरीर के कुछ हिस्सों को बार-बार चैक करना।
  • दोहराना: बार-बार किसी चीज को पढ़ना-लिखना या किसी भी बॉडी मूवमेंट्स को दोहराते रहना।

OCD के क्या सिम्पटम्स होते हैं?

  • किसी भी चीज को बार-बार दोहराना, मूड पर असर पड़ना, प्रोडक्टिविटी कम होना। अगर किसी भी इंसान को मेंटल हेल्थ बीमारी है तो वह काफी तनाव में नजर आएगा। ओसीडी से जूझ रहे व्यक्ति को डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

OCD से कैसे उबर सकते हैं?

  • अगर आपको लक्षण नजर आ रहे हैं तो, सबसे पहले हेल्थ को मॉनिटर करें। साइकेट्रिस्ट या थैरेपिस्ट जैसे एक्सपर्ट्स की सलाह लें। क्योंकि, आपके विचार या व्यवहार को जानने के तरीके सीखने की जरूरत है। यह तरीके आपको एक्सपर्ट्स बता सकते हैं, क्योंकि वे आपकी स्थिति को देखकर उपाय तैयार करेंगे, ताकि आप असहज न हों।
  • अगर आप अपने स्तर पर इस बीमारी पर काम करना चाहते हैं तो ऐसी छोटी सोच जो आपको तकलीफ न दें, उन्हें नजरअंदाज करें। व्यवहार में बदलाव लाने पर चिंता कम करें। बार-बार आ रहे विचारों से बचने की कोशिश करें और खुद को टेस्ट करें कि क्या आप ऐसा कर पा रहे हैं या नहीं। धीरे-धीरे इसका स्तर बढ़ाएं।
  • इसे खुद ट्रीट करना मुश्किल होता है। क्योंकि, यह एक बीमारी है और यह डर, भय और घबराहट की वजह बनती है। ऐसे में एक्सपर्ट्स से बात करना जरूरी है। लक्षण नजर आ रहे हैं तो परिवार या दोस्तों से इसके बारे में बात करें। इसमें फैमिली सपोर्ट बहुत जरूरी होता है।

ऐसे करें बचाव
डॉक्टरों के मुताबिक, इस समस्या से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति अपने आप को व्यस्त रखें। हमेशा सकारात्मक सोचें और कार्य में अपना दिमाग लगाएं। के अलावा पर्याप्त नींद सही भोजन और व्यायाम और ध्यान से ही इस समस्या से बचाव किया जा सकता है। 

Types of OCD

  • Checking.
  • Contamination / Mental Contamination.
  • Symmetry and ordering.
  • Ruminations / Intrusive Thoughts.
  • Hoarding.

OCD obsessions are repeated, persistent and unwanted thoughts, urges or images that are intrusive and cause distress or anxiety. You might try to ignore them or get rid of them by performing a compulsive behavior or ritual. These obsessions typically intrude when you’re trying to think of or do other things.Symptoms fluctuate in severity from time to time, and this fluctuation may be related to the occurrence of stressful events. Because symptoms usually worsen with age, people may have difficulty remembering when OCD began, but can sometimes recall when they first noticed that the symptoms were disrupting their lives. Obsessive-Compulsive Disorder, OCD, is an anxiety disorder and is characterized by recurrent, unwanted thoughts (obsessions) and/or repetitive behaviors (compulsions).

If you have obsessive-compulsive disorder (OCD), you know that your symptoms can often get in the way of establishing and maintaining romantic relationships. Indeed, many individuals with OCD are single, and those who are in a relationship or married often report a significant amount of relationship stress.

Self Experienced Blog

Pooja Pandey (eraofgirl)

Published by Eraofgirl

I am a Certified Naturopath & Panchkarma Doctor and Consultant. Consultation is free!

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