BITCOIN

Bitcoin

अगर आपको माइनिंग करनी है तो इस लिंक पर क्लिक कर के cryptocurrency ब्राउज़र डाउनलोड करें और रजिस्टर कर के 50 या 55 रुपये से शुरवात कर सकते हैं। ये एक ऐसी लिंक है जिस पर मैं भी माइनिंग करती हूं । – पूजा पांडेयhttps://cryptotabbrowser.com/22559054

बिटकॉइन एक वर्चुअल यानी आभासी मुद्रा है, आभासी मतलब कि अन्य मुद्रा की तरह इसका कोई भौतिक स्वरुप नहीं है यह एक डिजिटल करेंसी है। यह एक ऐसी करेंसी है जिसको आप ना तो देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं। यह केवल इलेक्ट्रॉनिकली स्टोर होती है। अगर किसी के पास बिटकॉइन है तो वह आम मुद्रा की तरह ही सामान खरीद सकता है।

ऐसे सैकड़ों हजारों वेबसाइट कंपनी है जो बिटकोइन को स्वीकार कर रही हैं। प्लेन की टिकट, होटल रूम, इलेक्ट्रॉनिक्स, कार, कॉफी और किसी अन्य चीज के लिए भी पेमेंट कर सकते हैं। हर साल दुनिया में  $1 से लेकर एक मिलियन डॉलर तक इधर से उधर हो जाता है। वैसे भी पैसे लेने के लिए हम लोग बैंक और कई कंपनी का सहारा लेते हैं यह सभी कंपनियां हमारे भेजे हुए पैसे को हमारे लोगों तक पहुचाने के लिए अतिरिक्त राशि  लेती है और हमें उन पर भरोसा करना पड़ता है। वेस्टर्न यूनियनमनी ग्राम और उन जैसी दूसरी कंपनियां की मदद चाहिए होती है मगर  इस सुविधा को प्राप्त  करने के लिए कोई मंजूरी भी लेनी नहीं पड़ती है। आज भी कई लोगों के पास बैंकिंग सुविधा नहीं है, लेकिन उन लोगों की संख्या अधिक है जिनके पास इंटरनेट के साथ सेल फोन है और यह इंटरनेट के माध्यम से व्यापार नहीं कर सकते। लेकिन अब यह बिटकॉइन की वजह से ऐसा कर सकते हैं क्योंकि बिटकॉइन पर किसी व्यक्ति विशेष सरकार या कंपनी का कोई स्वामित्व नहीं होता है। बिटकॉइन करेंसी पर कोई भी सेंट्रलाइज कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं है। आज बिटकॉइन काफी प्रसिद्ध है। इसे शक्ति उन हजारों लोगों से मिलती है जिनके पास विशेष कंप्यूटर है जो नेटवर्क को शक्ति संपन्न बनाते हैं नेट पर विनिमय को  सुरक्षित करते हैं और लेनदेन की जांच करते हैं। इसे माइनिंग कहा जाता है।

बिटकॉइन में निवेश कैसे करें?

अगर किसी भी व्यक्ति के पास बिटकॉइन है, तो इसकी कीमत और वैल्यू ठीक उसी तरह मानी जाएगी जैसे ईटीएफ में कारोबार करते समय सोने की कीमत मानी जाती है. इस बिटकॉइन से आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इसे निवेश के रूप में भी संभाल कर रख सकते हैं.

बिटक्वाइन ने इन बंधुओं को अरबपति बना दिया:-

Winklevoss Twins Brothers

2013 में बिटक्वाइन का 1 फीसदी हिस्सा खरीदाने वाले विंकेलवोस भाई आज अरबपति बन गए हैं. टेलर और कैमरून विंकेलवोस ने 2013 में 90 हज़ार बिटक्वाइन खरीदे थे.

उस वक्त एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 120 डॉलर होती थी. ये क़ीमत आज बढ़कर लगभग 16 हज़ार डॉलर यानी करीब साढ़े दस लाख रुपये हो गई है. सिर्फ एक साल में ही इसकी कीमत में लगभग 2100 फ़ीसदी का उछाल आया है.

क्वाइनडेस्क डॉट कॉम के अनुसार इस सप्ताह बिटक्वाइन की कीमत में 50 फीसदी से ज़्यादा का उछाल आया है और ये कीमत अब बढ़ कर 16,050.83 डॉलर हो गई है.

विंकेलवोस भाइयों ने जुकरबर्ग पर किया था मुकदमा:-

विंकेलवोस भाई 2009 में तब चर्चा में आए जब उन्होंने फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग पर उनका आइडिया चुराने का आरोप लगाया था और उन पर मुकदमा कर दिया था

विंकेलवोस भाइयों ने तर्क दिया था कि हावर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में एक सोशल नेटवर्क (हावर्ड कनेक्शन, जिसे बाद में कनेक्ट यू कहा गया) बनाने के बारे में सोचा था.

इस नेटवर्क को तैयार करने के लिए उन्होंने ज़करबर्ग को काम पर रखा. इसके दो महीने बाद ही ज़करबर्ग ने फ़ेसबुक की स्थापना की.

ज़करबर्ग से समझौता
नुकसान की भरपाई के लिए विंकेलवोस भाइयों ने ज़करबर्ग से 100 मिलियन डॉलर मुआवज़े की मांग की.

अमरीकी मीडिया के मुताबिक़ ये मुआवज़ा तो उन्हें नहीं मिला, लेकिन 2011 में उन्होंने ज़करबर्ग के साथ अदालत के बाहर समझौता कर लिया. इस समझौते के तहत विंकेलवोस भाइयों को 65 मिलियन डॉलर की मोटी रकम मिली.

2013 में विंकेलवोस भाइयों ने इस रकम के एक हिस्से यानी 11 मिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश वर्चुअल मुद्रा बिटक्वाइन में कर दिया. इसकी कीमत आज बढ़कर 1100 मिलियन अमरीकी डॉलर से भी ज़्यादा हो गई है.
जिस समय विंकेलवोस भाइयों ने बिटक्वाइन में निवेश किया, तब कम ही लोग इस वर्चुअल मुद्रा के बारे में जानते थे. लेकिन विंकेलवोस भाइयों को लगा था कि भविष्य में इसमें ज़बर्दस्त उछाल आ सकता है. वो बिटक्वाइन के मुख्य सपॉन्सर में से एक थे.

उनका दावा है कि उन्होंने आज तक अपना एक भी बिटक्वाइन बेचा नहीं है. बिटक्वाइन के सर्कुलेशन को एक ब्लॉकचेन सॉफ्टवेयर के ज़रिए नियंत्रित किया जाता है. माना जाता है कि इस सॉफ्टवेयर को हैक करना बेहद मुश्किल है.
बिटक्वाइन को अमरीकी स्टॉक मार्केट में लाने का प्रस्ताव दिया
विश्व के बेहतरीन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने वाले विंकेलवोस भाई एथलीट भी थे. उन्होंने एक एक्सचेंज रेट ‘जेमिनी’ और अपना खुद का निवेश फंड विंकेलवोस कैपिटल बनाया.

वो बिटक्वाइन को अमरीकी स्टॉक मार्केट में लाना चाहते हैं. लेकिन इससे जुड़े उनके प्रस्ताव को एसईसी यानी सिक्यूरिटीज़ मार्केट कमीशन ने ख़ारिज कर दिया. इसके बाद क्रिप्टोकरंसी में कुछ अस्थायी गिरावट भी देखने को मिली.

कई विश्लेषक और विशेषज्ञ बिटक्वाइन में निवेश को जोखिम भरा बताते हैं. वो इसका कारण दीर्घकालिक गारंटी की कमी, विनियमन की कमी और इसके एक क्लिक के साथ गिरने की संभावना बताते हैं.

गोल्डमैन सैक्स के निवेशक कहते हैं कि बिटक्वाइन एक बुलबुला है जो बस फूटने ही वाला है और पारंपरिक बैंक इस पर भरोसा नहीं करते.
टेलर और कैमरून विंकेलवोस ने ये जोखिम मोल लेने का फ़ैसला किया और वो आज अरबपति हैं.

हालांकि ज़करबर्ग जितना अमीर बनने के लिए अभी उन्हें और 73 हज़ार मिलियन डॉलर की ज़रूरत होगी. लेकिन वो भी तब, जब बिटक्वाइन की कीमत में गिरावट ना आए.

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Pooja Pandey

Published by Eraofgirl

I am a Certified Naturopath & Panchkarma Doctor and Consultant. Consultation is free!

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